8% Gold Price Crash: 1 घंटे में ₹76 लाख करोड़ स्वाहा क्यों?

Gold Price Crash 2026: 1 घंटे में 8% गिरावट और ₹76 लाख करोड़ स्वाहा, असली वजह क्या है?

Gold Price Crash 2026 ने पूरी दुनिया के निवेशकों को हिला कर रख दिया है। कल तक जो सोना नया रिकॉर्ड बना रहा था, वही सिर्फ 1 घंटे के अंदर 8% गिर गया। इस गिरावट में करीब ₹76 लाख करोड़ की वैल्यू स्वाहा हो गई। सवाल ये है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि सोना क्रिप्टो की तरह धड़ाम से गिर गया? क्या ये सिर्फ इत्तेफाक था, या फिर इसके पीछे कोई इंटरनेशनल गेम चल रहा है? और सबसे बड़ा सवाल — अब आपको सोना खरीदना चाहिए या रुक जाना चाहिए?

1 घंटे में ऐसा क्या हुआ कि सोना धड़ाम से गिर गया?

गुरुवार रात करीब 8:14 बजे गोल्ड की कीमतों में अचानक गिरावट शुरू हुई। देखते ही देखते सिर्फ 60 मिनट में सोना करीब 8% टूट गया
चांदी भी पीछे नहीं रही — करीब 30 मिनट में ही चांदी लगभग 6.5% गिर गई।

सिर्फ सोना ही नहीं, बाकी कीमती धातुओं में भी भारी गिरावट दिखी:

  • सोना: लगभग 6% प्रति 10 ग्राम
  • चांदी: करीब 16.5% प्रति किलो
  • प्लेटिनम: 15.7% गिरावट
  • पैलेडियम: 13.4% गिरावट

इस एक घंटे की गिरावट ने करीब ₹76 लाख करोड़ की वैल्यू साफ कर दी, जो कई देशों की GDP के बराबर है।


क्या ये गिरावट नॉर्मल थी या कोई मैनिपुलेशन?

इतनी तेज गिरावट देखकर लोगों के मन में सबसे पहला सवाल यही आया —
क्या सोने के साथ कोई इंटरनेशनल मैनिपुलेशन हुआ है?

क्योंकि:

  • सोना आमतौर पर “सेफ हेवन” माना जाता है
  • इतनी बड़ी गिरावट मिनटों में होना बहुत रेयर है
  • चार्ट में कीमत सीधी ऊपर से नीचे “जटके” से गिरी

इसी वजह से सोशल मीडिया और फाइनेंशियल मार्केट में ये चर्चा तेज हो गई कि कहीं ये जानबूझकर कराई गई गिरावट तो नहीं?


असली वजहें क्या बताई जा रही हैं?

एक्सपर्ट्स इसके पीछे कुछ बड़ी वजहें बता रहे हैं:

1. डॉलर का अचानक मजबूत होना

अमेरिकी डॉलर पहले कई साल के निचले स्तर पर था। जैसे ही डॉलर मजबूत हुआ, बाकी करेंसी वालों के लिए सोना महंगा हो गया।
डिमांड घटी और कीमतें गिरने लगीं।

2. तगड़ी Profit Booking

सोना और चांदी लगातार ऊपर जा रहे थे। कई बड़े निवेशकों ने मौके का फायदा उठाकर जमकर मुनाफा वसूला, जिससे अचानक सेलिंग प्रेशर बढ़ गया।

3. US Fed को लेकर अनिश्चितता

ट्रंप के बयान के बाद कि नया फेड चेयरमैन घोषित किया जाएगा, मार्केट में डर और अनिश्चितता बढ़ गई।
नतीजा: रिस्क से बचने के लिए बड़े प्लेयर्स ने पोजीशन काटनी शुरू कर दी।


ETF निवेशकों को भी लगा बड़ा झटका

बहुत से लोगों ने फिजिकल गोल्ड की जगह Gold ETF में निवेश किया हुआ था।
क्योंकि ETF लगभग 99.5% शुद्ध फिजिकल गोल्ड से बैक्ड होता है।

जैसे ही सोने की कीमत गिरी:

  • Gold ETF के दाम भी तेजी से गिरे
  • कुछ जगहों पर ETF में 20–24% तक की गिरावट देखने को मिली
  • यानी नुकसान सिर्फ ज्वेलरी या फिजिकल गोल्ड वालों को ही नहीं, डिजिटल गोल्ड वालों को भी हुआ

फिर भी एक्सपर्ट्स लॉन्ग टर्म में बुलिश क्यों हैं?

कई बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन्स (जैसे JP Morgan) अब भी मानते हैं कि:

  • महंगाई का डर
  • जियोपॉलिटिकल टेंशन
  • इकॉनमिक अनिश्चितता

इन सब वजहों से लॉन्ग टर्म में सोना और महंगा हो सकता है
कुछ एक्सपर्ट्स तो यहां तक कह रहे हैं कि आने वाले सालों में सोना ₹2,80,000 प्रति 10 ग्राम तक भी जा सकता है (लॉन्ग टर्म अनुमान)।

मतलब साफ है:
शॉर्ट टर्म में भारी उतार-चढ़ाव रहेगा
लेकिन लॉन्ग टर्म में ट्रेंड अब भी पॉजिटिव माना जा रहा है


दूसरी तरफ Tether क्यों जमा कर रहा है टनों के हिसाब से सोना?

यहीं कहानी में आता है सबसे दिलचस्प ट्विस्ट

Tether (USDT बनाने वाली कंपनी) स्विट्जरलैंड के पहाड़ों के नीचे बने एक न्यूक्लियर बंकर में सोना जमा कर रही है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक:

  • हर दिन 1 से 2 टन सोना बंकर में भेजा जा रहा है
  • ये बंकर Cold War के समय बना था, परमाणु हमले तक झेल सकता है
  • सिक्योरिटी जेम्स बॉन्ड मूवी जैसी बताई जाती है

Tether ऐसा क्यों कर रहा है?
क्योंकि कंपनी अपनी डॉलर पर निर्भरता कम करना चाहती है और अपने डिजिटल डॉलर (USDT) को फिजिकल एसेट से मजबूत बनाना चाहती है।


चीन में नेता के घर से हजारों किलो सोना – क्या संकेत मिलता है?

कुछ समय पहले चीन के एक पूर्व मेयर के घर से 13,500 किलो सोना मिला था।
इसके अलावा अरबों की नकदी और प्रॉपर्टी भी जब्त हुई।

इस सोने को चीन के गोल्ड रिजर्व में जोड़ दिया गया।
इससे एक बात साफ होती है:

देश और बड़ी संस्थाएं चुपचाप गोल्ड रिजर्व बढ़ा रही हैं
जबकि आम निवेशक डर के मारे पैनिक कर रहा है


अब आम निवेशक क्या करे?

अगर आप सोना या चांदी खरीदने का सोच रहे हैं तो:

  • पूरे पैसे एक साथ मत लगाइए
  • धीरे-धीरे SIP या स्टेप-बाय-स्टेप खरीदिए
  • शॉर्ट टर्म मूवमेंट से घबराइए मत
  • हमेशा अपनी रिसर्च और रिस्क कैपेसिटी देखिए

सोना “सेफ” माना जाता है, लेकिन बिना उतार-चढ़ाव के कुछ भी नहीं

क्या Gold Price Crash 2026 मैनिपुलेशन की वजह से हुआ?

फिलहाल कोई पुख्ता सबूत नहीं है, लेकिन डॉलर की मजबूती, भारी प्रॉफिट बुकिंग और फेड से जुड़ी अनिश्चितता को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।

Disclaimer

यह लेख केवल शैक्षिक और जानकारी देने के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी भी प्रकार की निवेश सलाह (Investment Advice) नहीं है। शेयर बाजार, सोना, चांदी, क्रिप्टो या किसी भी प्रकार का निवेश जोखिम के अधीन होता है।