Nifty Option क्या है? Next Expiry Day Call Option क्या है?

1. Nifty Call option क्या है?

Nifty option: Call ऑप्शन खरीदते समय जरूरी बातें

Nifty ऑप्शन ट्रेडिंग एक ऐसी रणनीति है जो शॉर्ट-टर्म प्राइस मूवमेंट्स पर आधारित होती है।

यदि आप Nifty का कॉल ऑप्शन अगले सप्ताह की expiry के लिए खरीदने जा रहे हैं,

तो आपको कुछ महत्वपूर्ण बातें ध्यान में रखनी चाहिए।

इन बिंदुओं को समझकर आप अपने प्रीमियम और जोखिम को बेहतर तरीके से मैनेज कर सकते हैं।

1. Nifty Call option क्या है?

Nifty call option एक फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट है

जो आपको एक विशेष स्ट्राइक प्राइस पर Nifty इंडेक्स को खरीदने का अधिकार देता है।

जब आप कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो आप Nifty के ऊपर जाने की उम्मीद रखते हैं।

इसका मतलब है कि अगर Nifty का बाजार ऊपर जाता है, तो आप लाभ कमा सकते हैं।

उदाहरण: मान लीजिए Nifty का वर्तमान मूल्य 25,500 है और आप 25,600 का कॉल ऑप्शन खरीदते हैं।

अगर Nifty अगले सप्ताह 125,600 से ऊपर जाता है, तो आपको प्रॉफिट होगा।

यदि Nifty 25,600 से नीचे रहता है, तो आपका ऑप्शन बेकार हो सकता है।

और आप नुकसान उठा सकते हैं।-

2. प्रीमियम का प्रभाव

जब आप Nifty कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो आपको एक प्रीमियम चुकाना पड़ता है।

प्रीमियम की राशि स्ट्राइक प्राइस और वर्तमान बाजार मूल्य के बीच के अंतर, समय तक expiry, और बाजार की वोलैटिलिटी के आधार पर तय होती है।

यदि Nifty का बाजार मूल्य स्ट्राइक प्राइस के करीब है, तो प्रीमियम अधिक होगा, जबकि यदि स्ट्राइक प्राइस दूर है, तो प्रीमियम कम होगा।

उदाहरण: यदि आप 25,600 का कॉल ऑप्शन खरीदते हैं और Nifty का बाजार मूल्य 25,500 है, तो प्रीमियम ज्यादा हो सकता है।

लेकिन यदि Nifty का बाजार मूल्य 25,000 है, तो प्रीमियम कम होगा।-

3. टाइम डि के (Time Decay)

और वोलैटिलिटी का रोल ऑप्शन ट्रेडिंग में सबसे महत्वपूर्ण चीज टाइम डिके (समय का क्षय) है।

जैसे-जैसे expiry पास आती है, ऑप्शन का प्रीमियम घटता जाता है, खासकर अगर बाजार स्थिर हो।

इसे “थीटा” के नाम से जाना जाता है।

इसलिए, अगर आप expiry के करीब कॉल ऑप्शन खरीद रहे हैं, तो प्रीमियम जल्दी गिर सकता है।

इसके अलावा, बाजार की वोलैटिलिटी का भी प्रीमियम पर प्रभाव पड़ता है। अगर वोलैटिलिटी ज्यादा है, तो प्रीमियम बढ़ सकता है, और अगर वोलैटिलिटी कम है, तो प्रीमियम घट सकता है।

उदाहरण: यदि बाजार में अचानक कोई बड़ा समाचार आता है (जैसे कि वैश्विक संकट या चुनाव परिणाम), तो वोलैटिलिटी बढ़ सकती है और प्रीमियम में भी वृद्धि हो सकती है।

दूसरी ओर, अगर बाजार स्थिर है, तो प्रीमियम में कमी आ सकती है।

4. स्ट्राइक प्राइस चयन (Strike Price Selection)

जब आप कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो आपको स्ट्राइक प्राइस का चयन करना होता है।

यदि आप Near-the-Money (ATM) ऑप्शन खरीदते हैं, तो प्रीमियम ज्यादा होगा, लेकिन इसमें सफल होने के चांस भी ज्यादा होते हैं।

Out-of-the-Money (OTM) ऑप्शन सस्ते होते हैं, लेकिन यदि बाजार आपके पक्ष में नहीं जाता है, तो इनमें नुकसान होने की संभावना ज्यादा होती है।

उदाहरण: अगर Nifty 25,500 है, तो आप 25,600 का कॉल ऑप्शन खरीद सकते हैं (ATM ऑप्शन)। इस ऑप्शन का प्रीमियम ज्यादा होगा, लेकिन अगर Nifty 25,600 से ऊपर जाता है, तो आपको फायदा होगा।

दूसरी ओर, यदि आप 25,600 का OTM कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो प्रीमियम कम होगा, लेकिन Nifty को 26,000 तक पहुंचने में समय लगेगा, और तब तक प्रीमियम में समय डिके का प्रभाव भी हो सकता है।

5. जोखिम प्रबंधन और स्टॉप लॉस (Risk Management and Stop Loss)

जब आप कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो जोखिम प्रबंधन जरूरी होता है।

बाजार में अप्रत्याशित मूवमेंट हो सकते हैं, इसलिए स्टॉप लॉस का इस्तेमाल करना जरूरी है।

स्टॉप लॉस का सेट करना यह सुनिश्चित करता है कि आप अपने ट्रेड में बहुत अधिक नुकसान से बच सकते हैं।

उदाहरण: मान लीजिए आपने 25,600 का कॉल ऑप्शन खरीदा है, और अगर Nifty 25,200 पर गिरता है, तो आप स्टॉप लॉस लगा सकते हैं ताकि आपका नुकसान सीमित रहे।

इस तरह, आप अपनी पूंजी को बचा सकते हैं।

6. Expiry Day के लिए रणनीति (Expiry Day Strategy)Expiry

के दिन बाजार में बहुत अधिक वोलैटिलिटी हो सकती है।

अगर आप expiry के दिन ट्रेड कर रहे हैं, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने लक्ष्य और स्टॉप लॉस को स्पष्ट रूप से निर्धारित करें।

क्योंकि expiry के दिन प्रीमियम तेजी से गिर सकता है, और स्थिति जल्दी बदल सकती है।https://youtu.be/iIoZPfYKwpM?si=qpnW3NFTGawXOnFT

उदाहरण: अगर आप expiry के दिन Nifty 25,600 कॉल ऑप्शन खरीदते हैं, तो आपको यह सुनिश्चित करना होगा कि Nifty को 26,600 तक पहुंचने के लिए पर्याप्त समय और मूवमेंट हो। blog

इसके अलावा, समय के साथ प्रीमियम का तेजी से गिरना भी ध्यान में रखना होगा।

निष्कर्ष

Nifty call option खरीदते समय आपको स्ट्राइक प्राइस, प्रीमियम, टाइम डिके और वोलैटिलिटी का ध्यान रखना जरूरी है।

सही समय पर सही ऑप्शन का चयन करके और जोखिम प्रबंधन का पालन करके आप अपने ट्रेड में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।

अगर आप Nifty option के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं, तो बाजार के विश्लेषण और ट्रेडिंग टूल्स का उपयोग करके अपनी रणनीति को मजबूत बना सकते हैं।