Zepto IPO 2026: कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग, वैल्यूएशन और निवेशकों के लिए क्या मायने

Zepto IPO: कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग से लेकर 2026 लिस्टिंग तक पूरा विश्लेषण

भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में एक बड़ा नाम बन चुकी Zepto Ltd ने अपने IPO (Initial Public Offering) की दिशा में पहला औपचारिक कदम उठा लिया है। कंपनी ने बाजार नियामक SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल रूट के जरिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल किया है। यह खबर न केवल स्टार्टअप इकोसिस्टम बल्कि शेयर बाजार के निवेशकों के लिए भी बेहद अहम मानी जा रही है।

इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि Zepto IPO क्या है, कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का मतलब क्या होता है, कंपनी की फाइनेंशियल स्थिति कैसी है, 2026 में लिस्टिंग की संभावनाएं क्या हैं और निवेशकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।


Zepto IPO क्या है?

Zepto Ltd एक क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म है, जिसकी स्थापना आदित पालिचा और कैवल्य वोहरा ने की थी। कंपनी का मुख्य फोकस 10–15 मिनट में किराना और डेली नीड्स की डिलीवरी पर है। आज Zepto, Blinkit, Swiggy Instamart और JioMart जैसे बड़े खिलाड़ियों के साथ सीधी टक्कर में है।

अब Zepto ने IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का रास्ता चुना है, जो हाल के वर्षों में कई बड़े स्टार्टअप्स अपना रहे हैं। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि कंपनी 2026 में शेयर बाजार में कदम रखने की तैयारी कर रही है।


कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग क्या होती है?

कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग का मतलब है कि कंपनी अपना DRHP पब्लिक किए बिना SEBI को सबमिट करती है। इसके फायदे हैं:

  • कंपनी को अपने बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल्स को फाइन-ट्यून करने का समय मिलता है
  • बाजार की स्थिति देखकर IPO का साइज और वैल्यूएशन तय किया जा सकता है
  • नकारात्मक खबरों या आलोचना से शुरुआती चरण में बचाव होता है

हाल के समय में Tata Technologies, Oyo और Swiggy जैसी कंपनियां भी इसी रास्ते पर चली हैं।


Zepto IPO: संभावित टाइमलाइन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Zepto की योजना जुलाई से सितंबर 2026 के बीच शेयर बाजार में लिस्ट होने की है। इस इश्यू के लिए जिन इन्वेस्टमेंट बैंकों को बुक रनिंग लीड मैनेजर (BRLM) बनाया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • Morgan Stanley
  • Axis Capital
  • HSBC
  • Goldman Sachs
  • JM Financial
  • IIFL Securities
  • Motilal Oswal

इतने बड़े नामों का जुड़ना इस IPO को हाई-प्रोफाइल बनाता है।


Zepto का वैल्यूएशन और फंडिंग

अक्टूबर 2025 में हुई आखिरी फंडिंग राउंड में Zepto ने $450 मिलियन जुटाए थे। इस राउंड का नेतृत्व US आधारित पेंशन फंड CalPERS ने किया था। इसके बाद कंपनी का वैल्यूएशन लगभग $7 बिलियन आंका गया।

Zepto के प्रमुख निवेशकों में शामिल हैं:

  • General Catalyst
  • CalPERS
  • Y Combinator
  • StepStone Group
  • Avenir
  • Elcid Investments
  • MapmyIndia
  • Motilal Oswal

यह मजबूत निवेशक आधार कंपनी की ग्रोथ स्टोरी को सपोर्ट करता है।


Zepto की फाइनेंशियल परफॉर्मेंस

Revenue Growth

Zepto ने FY25 में शानदार रेवेन्यू ग्रोथ दिखाई है:

  • FY24 Revenue: ₹4,498 करोड़
  • FY25 Revenue: ₹11,109 करोड़

यानी सिर्फ एक साल में रेवेन्यू दोगुने से भी ज्यादा हो गया। यह क्विक कॉमर्स की बढ़ती मांग और Zepto की तेजी से बढ़ती मार्केट पहुंच को दर्शाता है।

Net Loss

हालांकि, रेवेन्यू ग्रोथ के साथ-साथ कंपनी का घाटा भी बढ़ा है:

  • FY24 Net Loss: ₹1,249 करोड़
  • FY25 Net Loss: ₹3,367 करोड़

यह घाटा मुख्य रूप से हाई कैश बर्न, डार्क स्टोर्स के विस्तार और लॉजिस्टिक्स लागत के कारण है।


यूजर ग्रोथ में Zepto सबसे आगे

CLSA की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 15 दिसंबर 2025 को खत्म हुए हफ्ते में Zepto ने 1.2 मिलियन नए वीकली एक्टिव यूजर्स जोड़े।

तुलना करें तो:

  • Blinkit: 0.4 मिलियन
  • JioMart: 0.4 मिलियन
  • Swiggy Instamart: 0.3 मिलियन
  • BigBasket: 0.3 मिलियन

यह आंकड़ा दिखाता है कि यूजर एक्विजिशन के मामले में Zepto फिलहाल सबसे तेज़ है।


निवेशकों के लिए अवसर और जोखिम

अवसर (Opportunities)

  • क्विक कॉमर्स सेक्टर में तेज़ ग्रोथ
  • मजबूत ब्रांड और यूजर बेस
  • टॉप-टियर ग्लोबल और इंडियन निवेशकों का सपोर्ट
  • IPO के जरिए फंडिंग से घाटा कम करने और स्केल बढ़ाने की संभावना

जोखिम (Risks)

  • लगातार बढ़ता घाटा
  • Blinkit और Swiggy जैसी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा
  • कैश बर्न और प्रॉफिटेबिलिटी पर सवाल
  • IPO के समय बाजार की स्थिति

क्या Zepto IPO में निवेश करना चाहिए?

अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं और हाई-ग्रोथ लेकिन हाई-रिस्क स्टोरी में विश्वास रखते हैं, तो Zepto IPO आपके लिए दिलचस्प हो सकता है। हालांकि, लिस्टिंग से पहले कंपनी का पूरा DRHP, बिजनेस मॉडल और प्रॉफिटेबिलिटी रोडमैप समझना बेहद जरूरी होगा।

कंज़र्वेटिव निवेशकों के लिए सलाह यही है कि लिस्टिंग के बाद कंपनी के परफॉर्मेंस ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर ही कोई फैसला लें।


निष्कर्ष

Zepto IPO भारतीय स्टार्टअप और शेयर बाजार दोनों के लिए एक बड़ा इवेंट साबित हो सकता है। कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग से यह साफ है कि कंपनी अपने IPO को लेकर बेहद रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ रही है। 2026 में अगर बाजार की स्थितियां अनुकूल रहीं, तो Zepto की लिस्टिंग निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रह सकती है।

आने वाले समय में जैसे-जैसे IPO से जुड़ी और जानकारियां सामने आएंगी, निवेशकों के लिए तस्वीर और साफ होती जाएगी।

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