Gold vs Silver: रुपया 90 पर और Fed मीटिंग से पहले किस धातु में है ज़्यादा दम?

भारत में सोने और चांदी के दाम एक बार फिर चर्चा में हैं। रुपया डॉलर के मुकाबले 90 के ऊपर कमजोर हो चुका है और आने वाली US Federal Reserve (Fed) की पॉलिसी मीटिंग बाजार के मूड को और भी दिलचस्प बना रही है। ऐसे माहौल में निवेशक एक ही सवाल पूछ रहे हैं—गोल्ड में दम ज्यादा है या सिल्वर में?

इस लेख में हम ताज़ा भाव, वैश्विक संकेत, रुपया कमजोरी, और विशेषज्ञों की राय के आधार पर समझेंगे कि आने वाले दिनों में कौन सी धातु बेहतर परफॉर्म कर सकती है।


1. इस हफ्ते गोल्ड ने कैसा प्रदर्शन किया?

MCX पर इस हफ्ते Gold Futures लगभग ₹958 (0.74%) बढ़े। दिलचस्प बात ये है कि भारत में सोने की कीमतें Comex गोल्ड (US मार्केट) से ज्यादा तेज़ी दिखा रही हैं। इसका एक ही बड़ा कारण है — रुपये का 90 के स्तर तक कमजोर होना

Angel One के Prathamesh Mallya के अनुसार:

“रुपया रिकॉर्ड कमजोर है, जिससे भारतीय बाजारों में गोल्ड और महंगा हो गया है।”

अर्थात, गोल्ड की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कारणों से नहीं, बल्कि रुपये की गिरावट की वजह से ज्यादा तेजी दिखा रही हैं।


2. आने वाले हफ्ते में गोल्ड को क्या सपोर्ट मिलेगा?

विशेषज्ञों के अनुसार गोल्ड का रुझान अभी भी पॉजिटिव बना हुआ है। इसकी तीन बड़ी वजहें हैं:

1. Fed की FOMC मीटिंग (10 दिसंबर)

बाजार में उम्मीद है कि Fed इस मीटिंग में रेट कट के संकेत दे सकता है। कम ब्याज दरें = गोल्ड के लिए सपोर्ट।

2. सेंट्रल बैंक की खरीद

कई देशों के सेंट्रल बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं। इससे गोल्ड की डिमांड मजबूत रहती है।

3. कमजोर रुपया (₹90)

जब रुपये में गिरावट होती है, तो भारत में गोल्ड महंगा होता है—even if global gold is stable.

JM Financial के Pranav Mer कहते हैं:

“गोल्ड पॉजिटिव रहेगा क्योंकि बाजार Fed मीटिंग, चीन डेटा और US जॉब्स डेटा पर फोकस करेगा।”


3. चांदी का तूफानी रैली: 4.81% साप्ताहिक उछाल

गोल्ड की बढ़त ठीक है, लेकिन सिल्वर ने इस हफ्ते सबको चौंका दिया।

MCX Silver इस हफ्ते ₹8,427 (4.81%) उछली
और शुक्रवार को ₹1,85,234 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई।

Comex पर भी सिल्वर लगभग 4% चढ़कर $59.90/oz के ऑल-टाइम हाई पर पहुंची।

सिल्वर क्यों उछल रही है?

सोलर पैनल और EV की मांग बढ़ रही है
इंडस्ट्रियल डिमांड बहुत मजबूत है
सप्लाई टाइट है (खदानें डिमांड पकड़ नहीं पा रहीं)
सिल्वर गोल्ड की तुलना में undervalued लग रही है

LGT Wealth India के Chirag Doshi कहते हैं:

“सिल्वर तेज़ी के बाद हाई लेवल पर कंसोलिडेट कर रहा है। ट्रेडर हर स्पाइक पर प्रॉफिट बुक कर रहे हैं।”


4. सिल्वर कहाँ तक जा सकती है? (टारगेट ₹2,00,000–₹2,25,000)

JM Financial के Pranav Mer के अनुसार:

“सप्लाई टाइट है और इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत है, इसलिए मोमेंटम सिल्वर को 2,00,000–2,25,000 रुपये तक ले जा सकता है।”

ये टारगेट शॉर्ट टर्म के लिए हैं, यानी अगले 2–6 हफ्तों में संभव हैं।


5. गोल्ड बनाम सिल्वर: कौन ज्यादा दमदार?

### 1. शॉर्ट टर्म में (1–4 सप्ताह)

विजेता: सिल्वर

कारण: तेजी, हाई डिमांड, सप्लाई टाइट, रिकॉर्ड ब्रेकिंग मोमेंटम।

2. मीडियम टर्म में (1–3 महीने)

विजेता: गोल्ड

कारण:

  • Fed रेट कट
  • रुपये में कमजोरी
  • सेंट्रल बैंक की भारी खरीद
  • geopolitical tensions

3. जोखिम के मामले में

सिल्वर ज्यादा volatile
गोल्ड अधिक स्टेबल और सेफ


6. अगर आपको निवेश करना हो तो क्या चुनें?

अगर आप safe निवेश चाहते हैं

Gold चुनें

  • steady gains
  • कम उतार-चढ़ाव
  • करेंसी पर बड़ा प्रभाव

अगर आप high return + high risk ले सकते हैं

Silver आपके लिए है

  • तेज़ रैली
  • EV + सोलर इंडस्ट्री की strong demand
  • लेकिन 5–10% की तेज़ गिरावट भी कभी भी संभव

7. आने वाले हफ्ते में कौन सी खबरें मार्केट हिलाएंगी?

  • Fed FOMC Meeting — 10 December
  • US Jobs Data
  • China Trade & Inflation Numbers
  • Rupee Movement (₹90 के ऊपर बेहद संवेदनशील)

8. निष्कर्ष: अभी किसमें दम ज्यादा है?

अगर अभी के मोमेंटम की बात करें, तो सिल्वर गोल्ड को साफ तौर पर पछाड़ रही है।
लेकिन फेड के फैसले, रुपये की कमजोरी और वैश्विक डिमांड के चलते गोल्ड भी मजबूत ट्रेंड में है

शॉर्ट टर्म का किंग: सिल्वर
सुरक्षित और स्थिर विकल्प: गोल्ड
उच्च टारगेट्स देखने वाला metal: सिल्वर (₹2–2.25 लाख)

निवेश करते समय मात्रा और जोखिम नियंत्रण ज़रूरी है — क्योंकि दोनों धातुएं अभी अपने ऑल-टाइम हाई के आस-पास हैं।

Disclaimer

इस लेख में दी गई जानकारी केवल शैक्षणिक और सामान्य सूचना उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी प्रकार की निवेश सलाह, खरीद या बिक्री की सिफारिश नहीं है। बाजार में निवेश जोखिमों के साथ आता है, इसलिए किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। लेख में दिए गए डेटा, कीमतें और अनुमानों का आधार उपलब्ध ताज़ा जानकारी है, जिसमें बदलाव संभव है। लेखक एवं वेबसाइट किसी भी प्रकार के लाभ/हानि के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे।

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