क्या शेयर बाजार जुआ है?
या फिर यह एक कैलकुलेटेड बिज़नेस है? (Option Chain Analysis के साथ पूरी सच्चाई)
अक्सर आपने अपने आसपास ऐसे लोगों को सुना होगा जो कहते हैं –
“शेयर बाजार जुआ है, इसमें पैसा मत लगाओ, लोग बर्बाद हो जाते हैं।”
यह बात आंशिक रूप से सही भी है।
क्योंकि उन्होंने निश्चित रूप से ऐसे लोगों को देखा है जो बिना ज्ञान, बिना योजना और बिना जोखिम प्रबंधन के ट्रेडिंग करते हैं और अपना पैसा गंवा देते हैं।
लेकिन क्या इससे यह साबित हो जाता है कि शेयर बाजार वास्तव में जुआ है?
या फिर समस्या शेयर बाजार नहीं, बल्कि गलत तरीका है?
अगर आप यह पूरा लेख ध्यान से पढ़ते हैं, तो न केवल आपका नजरिया बदलेगा,
बल्कि आप दूसरों को भी सही दृष्टिकोण समझा पाएँगे।
शेयर बाजार बनाम जुआ – मूल अंतर क्या है?
मान लीजिए आप सोना (Gold) खरीदते हैं।
- अगर सोने का भाव बढ़ता है → आपको फायदा
- अगर भाव गिरता है → नुकसान
अब सवाल यह है:
क्या सोना खरीदना जुआ कहलाएगा?
नहीं।
इसे हम ट्रेडिंग या इन्वेस्टमेंट कहते हैं।
यही बात:
- सोना
- चावल
- हल्दी
- कच्चा तेल
- और शेयर बाजार
सब पर लागू होती है।
जो चीज जुए को बिज़नेस से अलग करती है, वह है –
लॉजिक + डेटा + रिस्क मैनेजमेंट
Options Trading में 90% लोग क्यों हारते हैं?
आपने यह आंकड़ा जरूर सुना होगा कि
Options Trading में 90% लोग पहले 90 दिनों में अपनी पूंजी गंवा देते हैं।
यह सच है।
लेकिन सवाल यह है – क्यों?
कारण बहुत स्पष्ट है:
- बिना स्ट्रेटेजी ट्रेड करना
- स्टॉप लॉस न लगाना
- लालच में ओवर ट्रेडिंग
- ऑप्शन चेन को न समझना
- मार्केट को “अनुमान” से ट्रेड करना
यानी लोग बिना यह जाने कि वे क्या कर रहे हैं, बाजार में उतर जाते हैं।
जब तक लॉजिक नहीं, तब तक रिस्क
शेयर बाजार तब तक जोखिम भरा है
जब तक आपको यह नहीं पता कि आप क्या कर रहे हैं।
लेकिन जिस दिन:
- आपके पास डेटा होगा
- आपके पास रीजन होगा
- आपके पास पहले से तय रिस्क होगा
उसी दिन आपका रिस्क काफी हद तक कंट्रोल में आ जाता है।
और यहीं से शुरू होती है
Option Chain Analysis

Option Chain क्या है?
Option Chain हमें यह बताती है:
- कहाँ पर सबसे ज्यादा पैसा लगा है
- किस स्ट्राइक प्राइस पर बड़े खिलाड़ी बैठे हैं
- बाजार का Support और Resistance कहाँ है
याद रखिए:
Option Chain में जो Open Interest होता है, वह हवा में नहीं होता।
उसके पीछे करोड़ों रुपये लगे होते हैं।
Open Interest (OI) क्यों सबसे ज़रूरी है?
Open Interest बताता है:
- कितने लॉट्स उस स्ट्राइक पर खड़े हैं
- कितने बड़े प्लेयर्स वहाँ रिस्क ले रहे हैं
अगर किसी लेवल पर:
- 1 लाख से ज्यादा लॉट्स खड़े हैं
तो समझ लीजिए:
वहाँ से बाजार को निकालना आसान नहीं है।
यही कारण है कि:
- वही लेवल Strong Support
- या Strong Resistance बन जाता है।
Option Chain से Support और Resistance कैसे पता चलता है?
Resistance कैसे पहचानें?
- Call Side में जहाँ सबसे ज्यादा OI है
- वही सबसे बड़ा Resistance होता है
Support कैसे पहचानें?
- Put Side में जहाँ सबसे ज्यादा OI है
- वही सबसे मजबूत Support होता है
और यह Support-Resistance:
किसी Indicator से नहीं
बल्कि पैसे से बना होता है
इसलिए यह सबसे भरोसेमंद होता है।
PCR (Put Call Ratio) – बाजार की मानसिकता
PCR एक बेहद ताकतवर इंडिकेटर है।
PCR क्या बताता है?
- Put Side का Open Interest
÷ - Call Side का Open Interest
PCR का मतलब:
- PCR > 1 → बाजार में तेजी की संभावना
- PCR < 1 → बाजार में गिरावट की संभावना
खास बात:
PCR प्राइस को फॉलो नहीं करता
बल्कि पैसे को फॉलो करता है
और जहां पैसा होता है,
वहीं बाजार जाता है।
क्यों Option Selling ज़्यादा सफल होती है?
एक बात ध्यान रखिए:
- Option खरीदने वाले को चाहिए तेज़ मूव
- Option बेचने वाले को चाहिए सिर्फ रेंज
और एक्सपायरी के दिन:
90% ऑप्शंस Zero हो जाते हैं
इसका फायदा किसे मिलता है?
Seller को
लेकिन:
- Seller तभी सफल होगा
जब उसे Range पता हो
और Range पता चलती है:
Option Chain Analysis से
शेयर बाजार जुआ क्यों लगता है?
क्योंकि लोग:
- बिना ज्ञान आते हैं
- बिना प्लान ट्रेड करते हैं
- और बिना रिस्क मैनेजमेंट पैसा लगाते हैं
फिर जब नुकसान होता है,
तो कहते हैं:
“शेयर बाजार जुआ है।”
जबकि सच्चाई यह है:
बिना सीखे ट्रेड करना जुआ है,
शेयर बाजार नहीं।
शेयर बाजार = बिज़नेस
अगर आप:
- Support जानते हैं
- Resistance जानते हैं
- PCR समझते हैं
- Risk पहले तय करते हैं
तो शेयर बाजार:
जुआ नहीं
बल्कि एक प्रोफेशनल बिज़नेस बन जाता है।
बिल्कुल वैसे ही जैसे:
- कोई व्यापारी माल खरीदता है
- दाम बढ़ने का इंतजार करता है
- और घाटा सीमित रखता है
निष्कर्ष
शेयर बाजार में:
- पैसा भी बनता है
- और पैसा जाता भी है
फर्क सिर्फ इतना है:
कौन ज्ञान के साथ आया है
और कौन उम्मीद के साथ।
अगर आप:
- लॉजिक
- डेटा
- और Discipline के साथ चलते हैं
तो शेयर बाजार:
आपकी लाइफ बदल सकता है।
वरना:
वही बाजार किसी और के लिए जुआ बन जाता है।
डिस्क्लेमर:
यह लेख केवल शैक्षिक उद्देश्य से लिखा गया है।
शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है।
कोई भी ट्रेड लेने से पहले अपनी रिसर्च करें।