डोनाल्ड ट्रंप का खेल! मार्केट में पैनिक क्यों? Gold–Silver ETF 20% क्यों गिरे?

डोनाल्ड ट्रंप का खेल और मार्केट में पैनिक!

गोल्ड–सिल्वर ETF इतना क्यों गिरा? क्रैश में क्या बेचें या क्या करें?

“आप कैसे लोगे डोनाल्ड ट्रंप से बदला?”
ये सवाल आज हर उस निवेशक के दिमाग में है जिसका पोर्टफोलियो लाल हो चुका है।

कभी शेयर बाजार गिर जाता है,
अगले दिन गोल्ड–सिल्वर टूट जाते हैं,
और सबसे ज़्यादा झटका लगता है ETF में

सिल्वर 3% गिरा
लेकिन सिल्वर ETF 20% तक टूट गया

आख़िर ये हो क्या रहा है?
और सबसे ज़रूरी सवाल —
ऐसे वक्त में निवेशक को करना क्या चाहिए?


मार्केट में इतना ज़्यादा पैनिक क्यों है?

इस वक्त मार्केट में सिर्फ़ टेक्निकल नहीं, सेंटिमेंटल क्रैश चल रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयानों ने आग में घी डाल दिया है:

  • यूरोपियन देशों पर 10% से 25% तक टैरिफ की धमकी
  • ग्रीनलैंड को लेकर स्ट्रेटेजिक बयान
  • ग्लोबल ट्रेड वॉर का डर

जैसे ही “टैरिफ” शब्द आया —
इंडियन मार्केट क्रैश
निफ्टी ने 25,000 का लेवल तोड़ा
गोल्ड–सिल्वर में तेज़ वोलेटिलिटी


सिल्वर सिर्फ़ 3% गिरा, ETF 20% कैसे?

यहीं सबसे बड़ा कन्फ्यूजन है।

अगर आप स्पॉट सिल्वर देखें:

  • डेली कैंडल में कोई बड़ी विक नहीं
  • कल की क्लोज़िंग से सिर्फ़ 4% का लो

लेकिन Silver ETF में:

  • एक ही दिन में लगभग 20% तक की गिरावट
  • फिर नीचे से 11% की तेज़ रिकवरी

ऐसा क्यों होता है?

ETF में:

  • हाई फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग
  • लिक्विडिटी इश्यू
  • पैनिक सेलिंग
  • स्टॉपलॉस हंटिंग

सब एक साथ हो जाता है।

ETF कीमत नहीं, निवेशकों का डर दिखाते हैं।


गोल्ड का भी वही हाल

  • गोल्ड लगभग कल की क्लोज़िंग के पास
  • लेकिन गोल्ड ETF:
    • 12% तक का इंट्राडे लो
    • अभी भी ~7% डाउन

यानी अंडरलाइन एसेट स्थिर है,
लेकिन इन्वेस्टर बिहेवियर क्रैश में है


“Sell America” – नया ग्लोबल सेंटीमेंट

अब कहानी और बड़ी हो जाती है।

यूरोपियन नेशंस कह रहे हैं:

“हम US Bonds बेच सकते हैं”

8–10 ट्रिलियन डॉलर के बॉन्ड
अमेरिका पर कुल कर्ज़: $38 ट्रिलियन

अगर बड़े पैमाने पर बॉन्ड बिके:

  • अमेरिका को रीपेमेंट करनी पड़ेगी
  • ज्यादा नोट छापने पड़ेंगे
  • फेड और ट्रंप की टकराहट बढ़ेगी

यही वजह है कि:
पहले मार्केट गिरा
फिर ट्रंप ने बयान बदला
और थोड़ी रिकवरी दिखी

लेकिन सिचुएशन अभी भी नाज़ुक है।


क्रैश में निवेशक सबसे बड़ी गलती क्या करता है?

पैनिक में बेच देता है।

याद रखिए:

मार्केट क्रैश वेल्थ डिस्ट्रॉय नहीं करते,
गलत फैसले वेल्थ डिस्ट्रॉय करते हैं।


Rule 1: Volatility ≠ Failure

मार्च 2020 याद है?

  • म्यूच्यूल फंड से हजारों करोड़ निकले
  • कुछ महीनों में मार्केट नए हाई पर

गिरावट का मतलब फेलियर नहीं
ये सिर्फ़ प्राइस एडजस्टमेंट है

लॉन्ग टर्म वेल्थ, वोलेटिलिटी झेलने से बनती है।


Rule 2: Liquidity > Prediction

लोग इसलिए नहीं बेचते कि:

  • मार्केट खराब है

बल्कि इसलिए बेचते हैं क्योंकि:

  • कैश की ज़रूरत होती है

मेडिकल, जॉब अनसर्टेनिटी, इमरजेंसी —
और इन्वेस्टमेंट बेचना सबसे आसान लगता है।

यही सबसे बड़ी गलती है।


Rule 3: बेचने की जगह उधार लेना सीखिए

स्मार्ट लोग:

  • एसेट बेचते नहीं
  • एसेट के अगेंस्ट लोन लेते हैं

Loan Against Mutual Funds (LAMF)

  • आपके म्यूच्यूल फंड invested रहते हैं
  • ग्रोथ भी जारी रहती है
  • सिर्फ़ यूज़ किए गए अमाउंट पर ब्याज

Interest ~10.5%
मार्केट एवरेज रिटर्न ~12%


Crash Temporary होता है, Exit Permanent

अगर आपने:
ETF बेच दिया
Mutual Fund बेच दिया

तो:

  • लॉस बुक हो गया
  • मार्केट से बाहर हो गए

लेकिन अगर:
होल्ड किया
ज़रूरत पर लोन लिया

तो:

  • रिकवरी में पूरा फायदा मिलेगा

गोल्ड–सिल्वर की तेजी खत्म हो गई?

सिर्फ़ एक रेड कैंडल देखकर:

  • ये नहीं कहा जा सकता कि तेजी खत्म है

जैसे:

  • एक दिन की रिकवरी देखकर
  • निफ्टी बुलिश नहीं हो जाती

पैनिक आगे भी रह सकता है
वोलेटिलिटी बनी रह सकती है

लेकिन बेचना समाधान नहीं है।


निष्कर्ष

  • ETF की गिरावट डर की वजह से होती है
  • मार्केट न्यूज़ से ज़्यादा सेंटिमेंट पर चलता है
  • क्रैश में गलत फैसला सबसे महंगा पड़ता है

पोर्टफोलियो मत बेचिए
पैनिक मत कीजिए
सर्वाइव करने का प्लान बनाइए

Market में निवेश जोखिम भरा होता है। कृपया निवेश से पहले स्वयं रिसर्च करें

सिल्वर सिर्फ 3% गिरा तो सिल्वर ETF 20% कैसे गिर गया?

ETF में लिक्विडिटी, पैनिक सेलिंग और स्टॉपलॉस हंटिंग की वजह से गिरावट कई गुना बढ़ जाती है, जबकि स्पॉट सिल्वर में उतनी गिरावट नहीं होती।

क्या ETF गोल्ड और सिल्वर से ज्यादा रिस्की होते हैं?

हां, शॉर्ट टर्म में ETF ज्यादा वोलेटाइल होते हैं क्योंकि ये निवेशकों के डर और ट्रेडिंग बिहेवियर को ज्यादा तेजी से रिफ्लेक्ट करते हैं।

मार्केट क्रैश में ETF या म्यूच्यूल फंड बेच देना चाहिए?

नहीं। क्रैश में बेचना लॉस को परमानेंट बना देता है। क्रैश टेंपरेरी होता है लेकिन एग्जिट परमानेंट डैमेज करता है।