CPI क्या है? 2026 में 2.75% महंगाई का आपकी सैलरी, EMI और शेयर बाजार पर बड़ा असर क्यों?
“अगर आपकी सैलरी हर साल बढ़ रही है लेकिन बचत नहीं बढ़ रही, तो CPI समझना आपके लिए जरूरी है।”
क्या आपको लगता है कि हर साल खर्च बढ़ता जा रहा है लेकिन सैलरी उतनी तेज़ी से नहीं बढ़ती?
यही फर्क मापने के लिए इस्तेमाल होता है CPI (Consumer Price Index)।
जनवरी 2026 में भारत का CPI लगभग 2.75% रहा — लेकिन यह नंबर आपके लिए क्या मायने रखता है?
इस आर्टिकल में हम समझेंगे:
- CPI क्या है?
- यह कैसे कैलकुलेट होता है?
- 2024 में बेस ईयर बदलने से क्या बदला?
- 2.75% CPI का आपकी EMI, FD और Stock Market पर क्या असर है?
CPI क्या है?
CPI यानी Consumer Price Index एक ऐसा इंडेक्स है जो बताता है कि आम लोगों के रोजमर्रा के खर्च कितने बढ़ रहे हैं।
सीधे शब्दों में:
“पिछले साल जैसी लाइफस्टाइल बनाए रखने के लिए इस साल कितना ज्यादा पैसा देना पड़ रहा है?”
अगर खर्च 10,000 से बढ़कर 10,800 हो गया →
तो महंगाई = 8%
यही CPI है।
CPI कैसे कैलकुलेट होता है?
Step 1: एक “शॉपिंग बास्केट” बनती है
जिसमें शामिल होते हैं:
- खाना
- किराया
- ट्रांसपोर्ट
- शिक्षा
- स्वास्थ्य
- मोबाइल/इंटरनेट
- मनोरंजन
Step 2: हर कैटेगरी को वेटेज दिया जाता है
Step 3: साल-दर-साल कीमत तुलना की जाती है
2012 vs 2024: बेस ईयर बदलने से क्या फर्क पड़ा?
सरकार ने CPI का बेस ईयर 2012 से बदलकर 2024 कर दिया।
क्यों?
क्योंकि लोगों की खर्च करने की आदत बदल गई।
2012 में:
- CD, DVD
- रेडियो
- सेकंड हैंड कपड़े
2024 में:
- OTT Subscription
- Online Media
- Gym Equipment
- Cloud Storage
- Rural Housing Cost
2012 vs 2024 वेटेज तुलना
| Category | 2012 Weight | 2024 Weight |
|---|---|---|
| Food & Beverages | 45.86% | 36.75% |
| Housing + Utilities | ~16.9% | 17.67% |
| Miscellaneous | 28.32% | Detailed 12 categories |
अब CPI ज्यादा realistic और detailed हो गया है।
जनवरी 2026 CPI डेटा
- All India CPI: 2.75%
- Rural CPI: 2.73%
- Urban CPI: 2.77%
- Food Inflation: 2.13%
- Housing Inflation: 2.05%
यह RBI के 2%–6% के सुरक्षित दायरे में है।
CPI 2.75% होने का आपके लिए क्या मतलब?
1 EMI वालों के लिए
Interest rate बढ़ने का दबाव कम
Floating EMI स्थिर रह सकती है।
2 FD Investors
FD rates में बड़ा उछाल तुरंत नहीं दिखेगा।
3 Stock Market Investors
कम inflation = policy stability = market sentiment positive
4 Salary वालों के लिए
DA component में moderate adjustment संभव।
RBI Inflation Target 2026
Reserve Bank of India (RBI) का official inflation target अभी भी 4% है
Target Structure:
- 4% CPI inflation
- ±2% tolerance band
- यानी acceptable range: 2% to 6%
मतलब अगर inflation 2% से नीचे या 6% से ऊपर जाता है, तो RBI को सरकार को explain करना पड़ता है कि target क्यों miss हुआ और corrective steps क्या होंगे।
2026 के लिए क्या स्थिति है?
RBI medium-term framework में 4% को anchor मानता है।
अगर CPI 2.75% जैसी level पर है , तो technically वह target band के अंदर है — और RBI के लिए comfortable zone माना जाएगा।
CPI और RBI का संबंध
अगर CPI 6% से ऊपर जाए:
- ब्याज दरें बढ़ सकती हैं
- EMI बढ़ सकती है
- Stock market दबाव में आ सकता है
अगर CPI 2% से नीचे जाए:
- ब्याज दरें कम हो सकती हैं
- Growth बढ़ सकती है
- Stock market को फायदा मिल सकता है
Inflation Impact Flow
High CPI → RBI Rate Hike → EMI ↑ → Growth ↓ → Market Pressure
Low CPI → Rate Cut → EMI ↓ → Growth ↑ → Market Support
Summary
CPI सिर्फ महंगाई का आंकड़ा नहीं है — यह आपकी सैलरी, EMI, FD और निवेश का भविष्य तय करता है।
2026 में 2.75% CPI दिखाता है कि महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है और नीति स्थिर रह सकती है।
CPI और Inflation में क्या अंतर है?
CPI एक इंडेक्स है, जबकि Inflation उस इंडेक्स से निकला प्रतिशत परिवर्तन है।
भारत में CPI कौन जारी करता है?
भारत में CPI डेटा सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी किया जाता है।
CPI बढ़ने से शेयर बाजार क्यों गिरता है?
क्योंकि CPI बढ़ने पर ब्याज दरें बढ़ सकती हैं, जिससे कंपनियों की ग्रोथ पर असर पड़ता है।